बैठे ठाले
कुछ ख़ास नहीं मियाँ ......बस खाली दिमाग की शरारतें , फितरतें और थोड़ी दुनियादारी ...बस
Friday, April 25, 2014
इश्क़ की तपिश है क्या कहिये
दिल पर दबिश है क्या कहिये
कुछ हसरतें, शिद्दतें और बेचारगी
अजब ये खलिश है क्या कहिये
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